पूर्व डीजीपी का व्हाट्सएप हैक कर की साइबर ठगी, आरोपी बिहार से दबोचा
Cyber Fraud Committed
अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। Cyber Fraud Committed: कुछ दिन पहले हरियाणा के पूर्व डीजीपी निर्मल सिंह का व्हाट्सएप हैक करने के बाद साबित ठगी को अंजाम देने वाले कथित आरोपी को साइबर क्राइम टीम ने बिहार से धर दबोचा। जांच में पाया गया कि ठगी की राशि बिहार के नालंदा निवासी राजेश कुमार के बैंक खाते में गई थी। टीम ने बिहार में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया आरोपी से साइबर फ्रॉड की 40 हजार रकम बरामद कर ली गई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि अपराधियों ने न केवल एक वरिष्ठ पूर्व अधिकारी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक किया, बल्कि उनके संपर्कों से पैसे ऐंठने के लिए उनके पद और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग भी किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है।
शिकायत के अनुसार, 9 मार्च 2026 को पूर्व डीजीपी कंवर निर्मल सिंह के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने झांसा दिया कि उनका एक पार्सल आया है और उसे रिसीव करने के लिए उन्हें अपने फोन से एक कोड डायल करना होगा। जैसे ही उन्होंने यह प्रक्रिया दोहराई, ठगों ने उनके व्हाट्सएप का ओटीपी हासिल कर लिया और उनके नंबर को अपने डिवाइस में लॉगिन कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके व्हाट्सएप कॉन्टैक्ट्स को संदेश भेजकर आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए पैसों की मांग शुरू कर दी। इसी झांसे में आकर एक पुलिस कर्मचारी गुलशन कुमार ने ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाते में 40,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जो कि इससे पहले पूर्व अधिकारी के गनमैन रह चुके है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर एसएचओ युद्धवीर सिंह व जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सौरभ सिंह की अगुवाई में जांच शुरू की।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज ने कहा कि चाहे मामला किसी उच्च अधिकारी से जुड़ा हो या किसी सामान्य नागरिक से, पंचकूला पुलिस हर स्थिति में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए सभी को न्याय दिलाना सुनिश्चित करती है। साइबर अपराधी अब विभिन्न तरीकों के जरिए व्हाट्सएप एक्सेस कर रहे हैं। इस मामले में हमने बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने अपना खाता अपराधियों को किराए पर दिया था।